लखनऊ। मुमताज पीजी कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय (दिन-रात्रि) विशेष शिविर का समापन मंगलवार को उत्साह और भावनात्मक माहौल के बीच हुआ। समापन की पूर्व संध्या (30 मार्च) को रामाधीन सिंह इंटर कॉलेज में आयोजित समारोह में स्वयंसेवकों ने सेवा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का शुभारंभ एनएसएस लक्ष्यगीत से हुआ। स्वयंसेवकों ने भाषण, स्वरचित कविताएं और शिविर के अनुभव साझा किए। पर्यावरण संरक्षण और दिव्यांगजनों के संघर्ष पर आधारित नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों को भावुक कर दिया, जिससे सभागार का माहौल गमगीन हो उठा। समारोह के मुख्य अतिथि कॉलेज के प्रबंधक शुभम सिंह ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि “मेहनत ही सफलता की कुंजी है।” उन्होंने एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. लियाकत अली, डॉ. आमिर हुसैन सिद्दीकी, डॉ. शीबा सिद्दीकी और डॉ. ज़ीनत वारसी के प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर प्रो. शाजिया सिद्दीकी, डॉ. सबा तबस्सुम और डॉ. अलका श्रीवास्तव भी मौजूद रहीं। समारोह के दौरान अतिथियों, कार्यक्रम अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं, सातवें और अंतिम दिन (31 मार्च) प्रातः सत्र में स्वयंसेवकों को नैतिक शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रोजगारपरक शिक्षा और “साइबर क्राइम” जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. लियाकत अली ने साइबर अपराध को समाज की बड़ी चुनौती बताते हुए उससे बचाव के उपाय बताए। अंत में सांयकालीन राष्ट्रगान के साथ शिविर का विधिवत समापन हुआ। सात दिनों तक चले इस शिविर ने विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।