लखनऊ, 18 मार्च। विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 पर बुधवार से सप्ताह भर चलने वाले जागरूकता उत्सव की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का आयोजन चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन ने विश्वविद्यालय के वन्यजीव विज्ञान संस्थान (आईडब्ल्यूएस) के ईआईएसीपी के सहयोग से किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती ओम सिंह और ईआईएसीपी की समन्वयक प्रोफेसर अमिता कनौजिया ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान आम जनता, छात्रों और विश्वविद्यालय कर्मियों को गौरैया संरक्षण से जुड़ी सामग्री—गौरैया घर, पक्षी चारा, स्पैरो फीडर, पानी के बर्तन, काकून और जड़ वाले पौधे—वितरित किए गए, ताकि पक्षी-अनुकूल वातावरण को बढ़ावा दिया जा सके।

मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी जे.पी. मौर्य ने अपने संबोधन में गौरैया संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, विशिष्ट अतिथि साईं हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. संदीप कुमार ने भी इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान कृष्णानंद राय के नेतृत्व में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। उन्होंने साइकिल यात्रा के माध्यम से चिड़िया संरक्षण से जुड़े नारों और कविताओं के जरिए लोगों को जागरूक किया। आयोजन में कुल 256 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि दिनभर में लगभग 10 हजार लोगों तक संदेश पहुंचाया गया।

पहले दिन का समापन गौरैया संरक्षण के महत्व और इसमें सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ। संस्था की निदेशक श्रीमती ओम सिंह ने बताया कि उनकी संस्था पिछले 12 वर्षों से इस दिशा में कार्य कर रही है और लखनऊ के कई पार्कों, स्कूलों व कॉलेजों में अभियान चला चुकी है।