लखनऊ। ट्रैवल एंड ट्रांसपोर्ट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रदेश के परिवहन मंत्री श्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात कर निजी टैक्सी वाहनों पर अंकुश लगाने के हालिया अभियान के लिए आभार प्रकट किया। संगठन ने मांग की कि यह अभियान प्रदेश के सभी जिलों में निरंतर और गंभीरता से चलाया जाए, ताकि राजस्व बढ़े और उन लोगों का व्यापार भी सुरक्षित रहे जो वर्षों से टैक्सी सेवाओं पर ही निर्भर हैं।प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि जिस तरह एयरपोर्ट फास्टैग से वाहनों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध हो जाता है, उसी प्रकार प्रत्येक जिले के निकट स्थित टोल प्लाजा से निजी टैक्सी वाहनों का संपूर्ण डेटा प्राप्त किया जा सकता है। इससे परिवहन विभाग अनधिकृत रूप से चल रहे निजी टैक्सी वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई कर सकेगा। संगठन ने केंद्रीय सरकार द्वारा निजी वाहनों के लिए जारी किए गए ₹3000 वाले फास्टैग की सुविधा पर भी चिंता जताई। प्रतिनिधियों ने कहा कि लगभग 200 ट्रिप की छूट का दुरुपयोग निजी वाहन संचालक टैक्सी के रूप में कर रहे हैं, जिससे अधिकृत टैक्सी सेवा प्रदाताओं की मांग में कमी आने की आशंका है। संगठन ने सुझाव दिया कि ऐसे निजी वाहनों के फास्टैग को आधार कार्ड या इनकम टैक्स रिकॉर्ड से लिंक किया जाए, ताकि उनके उपयोग का पूरा ब्यौरा विभाग को मिल सके। मंत्री श्री दयाशंकर सिंह ने सभी बिंदुओं को महत्वपूर्ण बताते हुए आश्वासन दिया कि वह इस विषय पर केंद्र सरकार से वार्ता कर आवश्यक जानकारी जुटाएंगे और समाधान की दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे। बैठक में संगठन के अध्यक्ष पियूष गुप्ता, महामंत्री दिनेश सिंह भदौरिया, जिला अध्यक्ष रजनीश शुक्ला, प्रवक्ता सिमरत ओबराय, क्षेत्रीय अध्यक्ष कार्तिक सहाय और अजय सिंह उपस्थित रहे।