लखनऊ। शनिवार, 9 मई 2026 को Civil Court Kaisarbagh में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Shia PG College के विधिक सहायता केंद्र एवं विधि संकाय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और लोक अदालत की कार्यवाही का अध्ययन किया।

कार्यक्रम के दौरान पॉक्सो कोर्ट के बाहर सभी छात्र-छात्राएं एकत्र हुए, जहां विधिक सहायता केंद्र के उप निदेशक डॉ. धर्मेन्द्र कुमार ने लोक अदालत के गठन, उद्देश्यों एवं इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में भूमि एवं संपत्ति विवाद, पारिवारिक एवं विवाह संबंधी मामले, भरण-पोषण, बैंक ऋण वसूली, सड़क दुर्घटना मुआवजा, श्रम विवाद, बिजली-पानी एवं सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मामलों का निस्तारण आपसी सहमति से किया जाता है।

विधिक सहायता केंद्र के एडवोकेट पैनल सदस्य एडवोकेट सैय्यद हसन जाजिब आबिदी ने छात्रों को जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालत में मुख्य रूप से समझौता योग्य आपराधिक मामलों का निस्तारण किया जाता है। इनमें मामूली मारपीट, मानहानि, छोटे विवाद एवं ऐसे मामले शामिल होते हैं जिन्हें आपसी समझौते से सुलझाया जा सकता है।

एडवोकेट प्रशांत सिंह ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके माध्यम से लोगों को त्वरित, सस्ता एवं सरल न्याय मिलता है तथा आपसी सौहार्द भी बना रहता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के निर्णय अंतिम होते हैं और इनके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता।

विधिक सहायता केंद्र के निदेशक डॉ. वहीद आलम ने कहा कि National Legal Services Authority के अंतर्गत संचालित लोक अदालत वैकल्पिक विवाद निवारण व्यवस्था का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसका उद्देश्य आमजन को सस्ता, सरल एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि लोक अदालतों का गठन Legal Services Authorities Act, 1987 के तहत किया गया है।

इसके उपरांत डॉ. वहीद आलम ने छात्र-छात्राओं की 30-30 सदस्यों की टीम बनाकर एडवोकेट सैय्यद हसन जाजिब आबिदी, एडवोकेट प्रशांत सिंह, एडवोकेट हैदर अब्बास, एडवोकेट ज़करिया अकील चौधरी एवं एडवोकेट समीर रिज़वी के मार्गदर्शन में विभिन्न न्यायालयों का भ्रमण कराया, जहां विद्यार्थियों ने लोक अदालत की प्रक्रिया एवं मामलों की सुनवाई को करीब से देखा और समझा।
इस अवसर पर डॉ. उग्रसेन वर्मा, प्रिया सिंह सहित विधिक सहायता केंद्र एवं विधि संकाय के शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में विधि के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।