44-45 डिग्री तापमान, परीक्षा कक्षों में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर उठे सवाल, छात्र हित में परीक्षाएं स्थगित करने की मांग शिक्षकों ने की
लखनऊ मो० कामरान ( विशेष संवाददाता )
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच विश्वविद्यालय परीक्षाओं को लेकर छात्रों की चिंता अब खुलकर सामने आने लगी है। लखनऊ विश्वविद्यालय एवं सहयुक्त महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की ओर से माननीय कुलाधिपति, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री एवं कुलपति को संबोधित एक प्रेस रिलीज जारी कर वर्तमान परीक्षाओं को जुलाई माह तक स्थगित करने की मांग की गई है। इस मुद्दे पर डॉ. वहीद आलम ने भी छात्र हित को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

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प्रेस रिलीज में कहा गया है कि प्रदेश में तापमान लगातार 44-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है तथा नौतपा और भीषण लू के कारण परीक्षा कक्षों में बैठना बेहद कठिन हो गया है। कई परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पंखे, कूलर और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का आरोप है कि कई स्थानों पर गर्मी के कारण विद्यार्थियों के बीमार पड़ने और बेहोश होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया और छात्र समुदाय में भी दोपहर के समय आयोजित परीक्षाओं को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
लखनऊ विश्वविद्यालय
छात्रों का कहना है कि परीक्षा कक्षों में पंखे भी प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं और तेज धूप तथा गर्म हवाओं के कारण स्थिति और कठिन होती जा रही है। डॉ. वहीद आलम ने कहा कि छात्रों की शारीरिक और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र और उनके अभिभावक दोनों इस स्थिति से परेशान हैं और मानवीय दृष्टिकोण से ऐसे हालात में परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं कहा जा सकता। छात्रों ने मांग की है कि वर्तमान परीक्षाओं को जुलाई माह में स्थानांतरित किया जाए,

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जिससे सामान्य मौसम में विद्यार्थी बेहतर ढंग से परीक्षा दे सकें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि इस विषय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाने और जनहित याचिका (PIL) दायर करने पर भी विचार करेंगे।