लखनऊ। राजधानी में बिजली व्यवस्था पहले से ही बड़ी चुनौती बनी हुई है। ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग और बढ़ती कटिया चोरी पर लगाम लगाने के लिए जानकीपुरम जोन का रेड विभाग लगातार अभियान चला रहा है। इसी दौरान रेड विभाग के जेई अशोक वर्मा के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था। मामले में पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में जानकीपुरम थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है।
आरोप है कि पुलिस ने केवल खानापूर्ति करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है। इसी को लेकर आज जेई संगठन के केंद्रीय महासचिव बलबीर यादव, संगठन सचिव संजय यादव, रेड विभाग के एई आकाश अग्रवाल, जेई राधेश्याम समेत बड़ी संख्या में जेई संगठन के पदाधिकारी और कर्मचारी जानकीपुरम थाने पहुंचे। सभी ने इंस्पेक्टर जानकीपुरम से मुलाकात कर नाराजगी जताई।
संगठन का आरोप है कि पिछले तीन दिनों से पुलिस सिर्फ आश्वासन दे रही है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी की दुकान पर बिजली चोरी (कटिया) को लेकर विवाद हुआ था। दुकान के कनेक्शन पर ₹1,02,522 का बकाया भी मिला, जिसके चलते बिजली विभाग ने बीते दिन उसका कनेक्शन काट दिया था। वहीं जांच के दौरान आरोपी के दो अन्य परिसरों पर भी बकाया और बिजली चोरी से जुड़े मामले सामने आए। एक घरेलू कनेक्शन, जो आरोपी की पत्नी के नाम पर बताया जा रहा है, उस पर ₹40,932 का बकाया मिला, जिसे आज काट दिया गया। इसके अलावा आरोपी के दूसरे परिसर पर ₹62,860 का बकाया पाया गया। साथ ही फरवरी 2025 में बिजली चोरी की दर्ज एफआईआर भी सामने आई, जिसमें लगभग ₹72 हजार का आकलन और ₹8 हजार समन शुल्क बताया गया।बकाया और पूर्व में दर्ज बिजली चोरी के मामलों को देखते हुए आज जानकीपुरम पुलिस और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित परिसरों की बिजली आपूर्ति काट दी।