विशेष संवाददाता / मोहम्मद कामरान
लखनऊ। बीएचयू के सहपाठी रहे और वर्तमान में श्री जय नारायण मिश्र पी.जी. कॉलेज के विधि संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेंद्र कुमार बैश्य (माही) के शिक्षण जीवन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। डॉ. बैश्य के सुपरविजन में उनके पहले पीएचडी शोधार्थी का प्री-सबमिशन आज विधि संकाय, लखनऊ विश्वविद्यालय न्यू कैंपस में संपन्न हुआ। यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि यह डॉ. बैश्य के टीचिंग करियर की पहली पीएचडी है, जो उनके मार्गदर्शन में सबमिट होने जा रही है। उल्लेखनीय है कि विधि शिक्षकों को वर्ष 2021 में पहली बार पीएचडी कराने का अधिकार लुआक्टा (LUACTA) द्वारा लंबी और निर्णायक लड़ाई के बाद प्राप्त हुआ था। डॉ. महेंद्र कुमार बैश्य को सबसे कम उम्र के विधि शिक्षकों में शामिल होने का गौरव भी प्राप्त है, जिन्होंने अपने सुपरविजन में पीएचडी सबमिट करवाई है। इसके साथ ही वे लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध किसी महाविद्यालय के पहले विधि शिक्षक भी माने जा रहे हैं, जिनके निर्देशन में यह उपलब्धि हासिल हुई है। इस अवसर पर डॉ. वहीद आलम, निदेशक लीगल एड क्लीनिक एवं संयुक्त मंत्री लुआक्टा ने डॉ. महेंद्र कुमार बैश्य और उनके शोधार्थी को हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।