लखनऊ। शिया पीजी कॉलेज के विधि संकाय में बुधवार, 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस/राष्ट्रीय विधि दिवस श्रद्धा और गरिमा से मनाया गया। इस अवसर पर मूट कोर्ट कक्ष में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने संविधान के गठन, विकास और महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. वहीद आलम, डायरेक्टर लीगल एड क्लीनिक, के उद्बोधन से हुई। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को ही राष्ट्रीय विधि दिवस क्यों मनाया जाता है, इसकी शुरुआत कब हुई और इसे मनाने के मूल उद्देश्य क्या हैं। साथ ही उन्होंने भारतीय संविधान के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. अजयवीर ने अपने वक्तव्य में नागरिकों के मौलिक अधिकारों और मूल कर्तव्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार रखे। वहीं डॉ. कमलजीत मणि मिश्रा ने संविधान सभा के गठन से लेकर उसके लागू होने तक की ऐतिहासिक घटनाओं का क्रमवार वर्णन प्रस्तुत किया। डॉ. छत्रपाल ने 1857 की क्रांति से 1950 तक के भारत के संवैधानिक सफर को रेखांकित करते हुए संविधान सभा की पहली बैठक से अंतिम बैठक तक की प्रक्रियाओं पर रोशनी डाली।कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहसिन रजा ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को संविधान की उद्देशिका की शपथ दिलाई। सेमिनार के अंत में प्रो. एस. सादिक हुसैन आबिदी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. वहीद आलम ने किया। उक्त अवसर पर डॉ. एस. नुजहत हुसैन, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. उग्रसेन (डिप्टी डायरेक्टर, लीगल एड क्लीनिक), तथा विधि संकाय के डॉ. पुलकित, डॉ. आकांक्षा, डॉ. अनीस फातिमा, डॉ. प्रीति मिश्रा सहित बड़ी संख्या में विधि के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।