लखनऊ। विकासनगर में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद भी बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आग में क्षतिग्रस्त हुई 33 केवी हाईटेंशन लाइन को हटाकर नई केबल डालने का कार्य तेजी से जारी है, लेकिन इस दौरान सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी सामने आई है।
मरम्मत कार्य में जुटे कर्मचारी बिना किसी सेफ्टी बेल्ट या सुरक्षा उपकरण के करीब 30 फीट ऊंचे खंभों पर चढ़कर काम कर रहे हैं। तेज धूप और ऊंचाई पर इस तरह काम करना सीधे तौर पर उनकी जान को जोखिम में डाल रहा है।

मौके पर बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव देखने को मिला। प्यास लगने पर कर्मचारियों को नीचे से पानी की बोतल फेंककर दी जा रही है, जिससे संतुलन बिगड़ने और हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खंभों पर कार्य कर रहे अधिकांश मजदूर ठेकेदार के माध्यम से लगाए गए हैं। ऐसे में ठेकेदारी व्यवस्था और विभागीय निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा
सके।