लखनऊ। Shia P.G. College में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत भारत में महिलाओं के अधिकार: उद्देश्य एवं आवश्यकता” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. वहीद आलम ने तिलावत-ए-कुरान से किया, जबकि अतिथि वक्ताओं का स्वागत बुके और एनएसएस फोल्डर देकर किया गया।

मुख्य वक्ता डॉ. पूजा दुबे ने कहा कि भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कदम है, जो केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व ही नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बनेगा। डॉ. अर्चना सिंह ने अधिनियम को महिलाओं को समान अवसर देने वाला बताया, वहीं डॉ. अनीस फातिमा ने इसके क्रियान्वयन में परिसीमन, जनगणना और सामाजिक पूर्वाग्रह जैसी चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में प्रो. ज़रीन जेहरा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि डॉ. सुधाकर वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। संगोष्ठी का संचालन डॉ. वहीद आलम ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, एनएसएस स्वयंसेवक और एनसीसी कैडेट्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।