लखनऊ, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर विधिक सहायता केंद्र, विधि संकाय, शिया पी.जी. कॉलेज, लखनऊ की ओर से ‘भारतीय संविधान एवं आरक्षण: समानता का अधिकार’ विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में एलएलबी तीन वर्षीय और बीए एलएलबी पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

प्राचार्य/इंचार्ज प्रो. (डॉ.) एस. सादिक हुसैन आबिदी ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, विचार और भविष्य को दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार और सामाजिक न्याय के महत्व पर प्रकाश डाला।

विधिक सहायता केंद्र के निदेशक डॉ. वहीद आलम ने कहा कि संविधान समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल्यों का मार्गदर्शक है। विधि विद्यार्थियों को आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों के साथ न्यायिक दृष्टिकोण और सामाजिक वास्तविकताओं का संतुलित अध्ययन करना चाहिए। उप निदेशक डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता, तार्किक चिंतन और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करती हैं।

लॉ सेल के निदेशक प्रो. (डॉ.) एस. एम. हसनैन ने कहा कि शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ही सच्ची गुरु दक्षिणा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आगे बढ़कर समाज के लिए बेहतर कार्य करने का आह्वान किया। निर्णायक मंडल ने मन्तशा कुरेशी (एलएलबी तृतीय सेमेस्टर) को प्रथम, उत्कर्ष मिश्रा (एलएलबी प्रथम सेमेस्टर) को द्वितीय तथा जुवेरिया अहमद (बीए एलएलबी पांचवें सेमेस्टर) को तृतीय स्थान प्रदान किया। दीपक सिंह, अंकित पटेल और मोहम्मद अब्दुल्लाह नदीम को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. एस. मोहसिन रजा, डॉ. एजाज़ हुसैन, डॉ. नूरीन जैदी, डॉ. एस. नुजहत हुसैन, डॉ. धर्मेंद्र कुमार और डॉ. कसीम हैदर नक़वी शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में विधिक सहायता केंद्र के उप निदेशक डॉ. कसीम हैदर नक़वी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।